कानों सुनी सो झूठ सब एक अनमोल किताब है जो प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु ओशो रजनीश द्वारा लिखी गई है। यह किताब हमें यह समझाती है कि जो भी बातें हम दूसरों से सुनते हैं, वे अक्सर सच नहीं होतीं। हम दूसरों की कही बातों को बिना सोचे-समझे सच मान लेते हैं, लेकिन ओशो हमें सिखाते हैं कि हर चीज को खुद के अनुभव से समझना चाहिए।
अगर आप इस किताब का PDF डाउनलोड करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए मददगार रहेगा। इस लेख में हम “कानों सुनी सो झूठ सब” किताब की मुख्य बातें, इसकी शिक्षा और इसे पढ़ने के फायदों पर बात करेंगे।
Kano Suni So Jhooth Sab Osho Book PDF
File Name | कानों सुनी सो झूठ सब |
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File Category | Rajneesh Osho Books |
Pages In PDF | 227 |
File Size | 2.4 MB |
Language | Hindi |
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“कानों सुनी सो झूठ सब” किताब का परिचय
यह किताब इस बात पर जोर देती है कि जो भी बातें हम दूसरों से सुनते हैं, वे हमेशा सच नहीं होतीं। अक्सर हम बिना जांचे-परखे उन बातों को सच मान लेते हैं और उसी के अनुसार जीवन में फैसले लेते हैं। ओशो बताते हैं कि हमें अपनी आंखों से देखना और खुद अनुभव करना चाहिए, तभी हम सच को जान सकते हैं।
किताब की मुख्य बातें
- अनुभव सबसे बड़ा सच है
ओशो कहते हैं कि जीवन में सबसे बड़ा सच वही है जो हमने खुद महसूस किया हो। दूसरों के अनुभव या कहानियों पर भरोसा करना ठीक नहीं है। - सत्य को पहचानना सीखें
किताब में ओशो समझाते हैं कि सत्य को पहचानने के लिए मन को खुला रखना जरूरी है। हम तभी सच्चाई को समझ सकते हैं जब हम पूर्वाग्रहों से मुक्त हों। - दूसरों की बातों पर आँख बंद करके भरोसा न करें
ओशो कहते हैं कि लोग अक्सर अपनी समझ के आधार पर बातें कहते हैं, जो जरूरी नहीं कि सही हो। इसलिए किसी भी बात को सच मानने से पहले उसे परखना जरूरी है। - ध्यान और आत्म-जागृति का महत्व
इस किताब में ध्यान का महत्व भी बताया गया है। ओशो कहते हैं कि ध्यान से मन शांत होता है और हम सच को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। - भीड़ के पीछे मत चलो
ओशो का मानना है कि भीड़ का अनुसरण करना अक्सर हमें भ्रम में डाल देता है। हमें खुद की सोच पर भरोसा करना चाहिए और भीड़ के कहे-सुने को सच नहीं मानना चाहिए।
क्यों पढ़ें “कानों सुनी सो झूठ सब”?
“कानों सुनी सो झूठ सब” पढ़ने से हमें अपने जीवन को बेहतर समझने में मदद मिलती है। यह किताब सिखाती है कि किसी भी बात पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय उसे खुद अनुभव करें। इससे हमें सही और गलत की पहचान होती है और हम जीवन में सही फैसले ले सकते हैं।
- मन की शांति: ओशो की किताबें पढ़ने से मन को शांति मिलती है और जीवन को नई दृष्टि मिलती है।
- सच्चाई की पहचान: यह किताब सिखाती है कि हम दूसरों की बातों पर भरोसा करने की बजाय खुद की समझ से चीजों को परखें।
- आत्म-जागृति: ध्यान और आत्म-जागृति के माध्यम से हम अपने भीतर की शक्ति को पहचान सकते हैं।
किताब से मिलने वाली सीख
- जो भी सुनते हैं, उस पर तुरंत विश्वास न करें।
- हर बात को अपनी समझ और अनुभव से परखें।
- ध्यान से जीवन को सही दिशा में ले जाएं।
- भीड़ का अंध blindly अनुसरण करने से बचें।
“कानों सुनी सो झूठ सब” ओशो रजनीश द्वारा लिखित एक अनमोल रचना है जो हमें सिखाती है कि दूसरों की बातों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। हमें अपने अनुभवों पर विश्वास करना चाहिए और सच को खुद परखना चाहिए। अगर आप इस किताब को पढ़ना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट से PDF फ्री डाउनलोड कर सकते हैं और ओशो के विचारों से अपनी जिंदगी को एक नई दिशा दे सकते हैं।